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19 june: World Sickle Cell Awareness divas सिकल सेल

World Sickle Cell Awareness divas : हर साल 19 जून के दिन Sickle Cell रोग के निवारक उपायों और उसके परिवार में एकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. आज हम सिकल सेल रोग के बारे में लक्षण और कारण जानेंगे. साथ ही इसके पीछे के इतिहास पर भी नजर डालेंगे. 

इस World Sickle Cell Awareness divas को सरकारी, गैर सरकारी संगठन और विभिन्न स्वास्थ्य एजेंसियों की मदद से पूरे विश्व में मनाया जाता है. इस दिन को लोगों को सिकल सेल रोग के बारे में बेहतर विचार देने के लिए मनाया जाता है. इसी तरह सरकार इन लोगों को किस प्रकार के इलाज और सुरक्षा के उपाय प्रदान करती है, इसके बारे में भी प्रोत्साहित करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं.

Sickle Cell rog kya hota hai?

यह रोग एनीमिया का एक विरासत में मिला हुआ रूप है. इसमें लाल रक्त कोशिकाएं पूरे शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले पाती है. आपको पता ही होगा कि सामान्य स्थिति में लाल रक्त कोशिकाएं लचीली, बीच में गड्ढे दार और गोल होती है. इसीलिए वे रक्त वाहिकाओं में आसानी से बहकर चली जा सकती है. 

लेकिन सिकल सेल रोग या एनीमिया में यही लाल रक्त कोशिकाएं एकदम कठोर या चिपचिपी हो जाती है और सिकल अर्थात अर्धचंद्राकार हो जाती हैं. इसके फलस्वरूप, ये अनियमित आकार की कोशिकाएं छोटी रक्त वाहिकाओं में अटक जाती है. इसी कारण से वे रक्त प्रवाह को धीमा कर देती है या उसे बंद कर देती है और शरीर के हिस्सों तक पहुंचने के लिए ऑक्सीजन भी कम कर देती है.

World Sickle Cell Awareness divas ka itihas

सन 2008 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा World Sickle Cell Awareness divas का आयोजन किया गया था. सिकलसेल रोग और उसके दर्द के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके. यह दिवस 19 जून 2009 को पहली बार मनाया गया था.
आमतौर पर देखा जाए तो आजकल सिकलसेल रोग एक आम अनुवांशिक बीमारी बन गई है, जो पूरी दुनिया भर में फैली हुई है.

इसीलिए इसकी तेजी से जागरूकता, इलाज के योग्य गतिविधियां और प्रारंभिक निदान के माध्यम से इलाज करना अति आवश्यक होता है.World health organization हिमोग्लोबिन की शिथिलता के मुद्दे को हल करने के लिए दुनिया में कई तरह की गतिविधियों को हमेशा बढ़ावा देता रहा है. 

Sickle Cell ke duniya bhar me maamale

आंकड़ों के अनुसार अफ्रीका में हर दिन 1000 से भी अधिक बच्चे sickle cell जन्म ले रहे हैं और 5 साल की उम्र तक आते-आते मर जाते हैं. अमेरिका में भी 90 हजार से लेकर एक लाख तक लोग इस बीमारी के प्रभाव में आए हैं. इसके बावजूद भारत, सऊदी अरब, तुर्की, अरबी प्रायद्वीप, ब्राजील, गुयाना, दक्षिण इटली, ग्रीस आदि देशों में भी कई लोग इस रोग से पीड़ित हैं. 

इसमें कोई संदेह नहीं है कि  World Sickle Cell Awareness divas  यह बडी संस्कृति का मुद्दा रहा है, जिससे हल किया जाना किसी भी राष्ट्र के स्वस्थ भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है. ध्यान देने की बात ये है कि इस बीमारी के कारण दुनिया में समय से पहले होने वाले बच्चों की मौत का मामला भी बहुत बार उठाया गया है. 

आशा करते हैं कि आप और हम मिलकर World Sickle Cell Awareness divas पर इन मरीजों और उनपर इलाज करने वाले डॉक्टरों की, जितनी हो सके मदद करें. ताकि जल्द से जल्द इन मामलों में कमी आए, प्रत्येक देश का हर बच्चा और हर नागरिक सुदृढ़ रहें और उसका भविष्य सुरक्षित रह सकें.


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