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१५ जून: विश्व बुजुर्ग दुर्व्यव्यवहार jagrukta divas

vishwa bujurg durvyavhar jagrukta divas: हर साल 15 जून को vishwa bujurg durvyavhar jagrukta divas मनाया जाता है.

दुनिया में कहीं भी बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार करना एक गंभीर मुद्दा बन गया है.  इस दिन का उद्देश्य इसी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. इस दिवस को मनाने के लिए बुजुर्गों को पूरे साल भर समर्थन और संरक्षण दिया जाना चाहिए. ठीक यू ही आज का दिन यही सुनिश्चित करता है कि उनकी दुर्दशा को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

सच तो यह है कि किसी भी वित्तीय, भावनात्मक और उपेक्षा के कारण दुनिया में कुछ बुजुर्गों के लिए रोज का जीवन जीना भी एक वास्तविक मुद्दा हो सकता है. आजकल वास्तव यही है कि अकेले ब्रिटेन में लगभग 5,00,000 दुर्व्यवहार के शिकार हो रहे हैं. vishwa bujurg durvyavhar jagrukta divas हमें ऐसी दुनिया की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जहां किसी का दुरुपयोग करना कोई मुद्दा नहीं होगा. इसकी जागरूकता बढ़ाने और इसके खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए संसाधन और जानकारी को भी हमें प्रदान करना चाहिए.

vishwa bujurg durvyavhar jagrukta divas kaise manaye

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून को अपने 66/127 के रिजर्वेशन में vishwa bujurg durvyavhar jagrukta divas के रूप में नामित किया है. इसे ऐसे दिन की मान्यता मिली है जिसमें पूरी दुनिया की पुरानी पीढ़ी के दुर्व्यवहार को किसी भी रूप में विरोध जताया जाएगा.दुनिया में बुजुर्गों की मात्रा में बढ़ोतरी हो रही है और ऐसा जारी रहेगा. वास्तव में दुनिया के सभी देशों में 2015 से 2030 के बीच में बुजुर्गों की संख्या में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है. 

इसी कारण से दुनिया भर में यह एक स्वीकृत मुद्दा रहा है और विरोध का विषय भी बड़े दुर्व्यवहार से कम जांच प्रकार की हिंसा में राष्ट्रीय सामाजिक मुद्दा बना दिया गया है. उन्नत उम्र के लोगों को सम्मान के साथ व्यवहार करने और किसी भी तरह शोषण की उपेक्षा से मुक्त जीवन जीने का अधिकार है.हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जितने भी बुजुर्गों को संभव हो, उन्हें बेघर, खराब स्वास्थ्य, भूख और गरीबी के शिकार ना हो.

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यदि आप चाहते हैं कि दिवस बहुत अच्छी तरह से मनाया जाए तो इस दिन के लिए कई तरीके आपको मिल सकते हैं. आप किसी ऐसी संस्था को दान कर सकते हैं जो बुजुर्गों की भलाई का समर्थन करती हो. या फिर आप किसी बुजुर्गों के वृद्ध आश्रम को भी जाकर दान कर सकते हैं.आप कहीं ना कहीं स्वेच्छा से अपना हिस्सा जरूर दे सकते हैं जो बुजुर्गों की खुशी के लिए समर्पित हो.  ठीक यूँ ही सुनिश्चित करता हो कि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका घर ठीक से चले. 

अंत में हम यह कहना चाहेंगे कि आप किसी बुजुर्ग रिश्तेदार से भी मिल सकते हैं और कुछ समय के लिए गपशप और एक कप चाय पीते हुए उनके साथ समय निकाल सकते हैं. साथ ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इस दिन के बारे में कुछ पोस्ट करते हुए इस दिन को मनाना सुनिश्चित कर सकते हैं.


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