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१४ जून: विश्व ब्लड डोनर दिवस (Vishwa blood donor divas)

Vishwa blood donor divas :  आज 14 जून के दिन हम Vishwa blood donor divas मनाने जा रहे हैं.  इस दिवस को मनाने के लिए और इसके इतिहास के बारे में जानने के लिए हमें कई वर्ष पीछे जाना पड़ सकता है. 

उस समय केे चिकित्सा विशेषज्ञों को पता था कि रक्त शरीर में एक महत्वपूर्ण तत्व होता है. साथ ही इसक अधिक मात्रा में खोने से रोगी पर दुष्परिणाम हो सकते हैं. 

गौरतलब है कि इस बात पर बहुत सारे प्रयोग शुरू हो गए थे. ऐसे कई दाताओं की एक पूरी नस्ल पैदा हो गई थी जो अपने रक्त का योगदान करती रहे थे ताकि अन्य लोग भी इसकी वजह से जीते रहे. ब्लड डोनर हर बार रक्त देकर जान बचाते हैं. इसलिए उन हादसों के शिकार और सर्जरी के लिए जरूरत पड़ने वाले लोगों की जान बचा सकते हैं.

Vishwa blood donor divas ka itihas

रक्तदान दिवस का इतिहास 17 वी सदी तक पहुंचते पहुंचते आपकी अपेक्षा से कहीं अधिक हो जाता है. 
Richard lower जानवरों में रक्त परिसंचरण की जांच करने वाले और रक्त के थक्के को रोकने के तरीके खोजने वाले पहले व्यक्ति थे. हालांकि वे निश्चित रूप से केवल जानवरों के साथ ही काम कर रहे थे.

वे कुत्ते के खून निकालने में कामयाब रहे थे. फिर उन्होंने एक बड़े mastiff dog के रक्त को भी छोटे जानवरों के रक्त में स्थानांतरित कर दिया था. ध्यान देने की बात यह है कि दोनों कुत्ते बिना किसी स्पष्ट प्रभाव की अच्छे हो गई थी. उन्हें अपने प्रयोगों के लिए और कई प्रयासों के लिए काफी बदनामी भी हासिल करनी पड़ी. रॉयल सोसाइटी को इस तकनीक पर बोलने और सिखाने के लिए कहा गया था.रक्त को वापस देने में कुछ अजीब धारणाएं थी.

पहले मानव आधान में एक आधान में एक भेड़ के रक्त को एक रोगी के रूप में शामिल किया गया था जो पागलपन के हल्के रूप से पीड़ित था. यह सोचा गया था कि एक मेमने के रूप में कोमल बढ़ाने का खून उसके पागलपन को कैसे शांत कर पाएगा. जानवरों के रक्त को रूप में स्थानांतरित करने के कृत्य पर उस समय की कड़ी अंधविश्वासी और नैतिक रूप से कठोर अधिकारियों द्वारा कड़ाई से पूछताछ की गई थी और फलस्वरूप इस प्रथा को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था.

जो करीब 150 वर्षो से गायब थी. इसके बावजूद एक प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने जो 1818 में शुरू होने वाले आधुनिक चिकित्सा प्रोद्योगिकी में रक्त के संक्रमण को वापस लाया गया था. इसमें जन्म देने के बाद महिला के रक्तस्राव से उसका जीवन बचाने के लिए काम शुरू कर दिया गया था और उस पर अध्ययन किया गया था. 

Vishwa blood donor divas यह World health organization अर्थात WHO का अभियान है. रक्त संक्रमण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए इसकी पहली घटना 2012 में हुई थी. ठीक उसके बाद से WHO ने हर साल अभियान के रूप में मनाना चालू कर दिया है.

Vishwa blood donor divas kaise manaye

Vishwa blood donor divas मनाने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप कहीं ब्लड डोनर कैंप में जाकर रक्त देकर आए. पूरी दुनिया में सभी प्रकार के रक्त की एक शक्तिशाली आवश्यकता है. शायद इसके आपूर्ति के पास भी हम पहुंच जाए तो यह एक सबसे बड़ा योगदान होगा. हम किसी की जिंदगी बचाने में मदद कर सके तो वह विपदा से बाहर निकल सकेगा. इसके लिए अपने स्थानीय क्षेत्र में कोई क्लीनिक भी खोज सकते हैं. 

आमतौर पर medical staff रक्तदान के लिए रूम स्थापित करती है. जहां आपके साथ कई स्वयंसेवक होंगे जो रक्तदान करने जा रहे हो. रक्तदान से पहले आपको कुछ प्रश्नों के उत्तर देने होंगे. जैसे कि क्या आप इसकी योग्य है? उसके बाद नर्स एक नर्स परीक्षण के बाद यह सुनिश्चित करेगी कि आपका रक्त सुरक्षित है या नहीं. इसके बाद ही आपकी बाहों में एक सुई लगाई जाएगी और पर्याप्त मात्रा में रक्त निकाल लेंगे. यदि आप किसी भी कारण से रक्त नहीं दे सकते हैं तो भी ब्लड डोनर दिवस आपके लिए बहुत मायने रखता है. ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो आप इस दिवस पर कर सकते हैं.

उदाहरण के तौर पे देखा जाए तो आप इस समारोह भाग लेने के लिए सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल फोटो को अपडेट कर सकते हो. साथ ही अलग-अलग सिंबॉल्स और इमेजेस को भी प्रभावी रूप से भेज सकते हो. यदि आप रहते हैं क्षेत्र में रहते हैं जहां पर रक्त की अधिक आवश्यकता हो तो आप अपने दोस्तों के साथ रक्तदान करने के लिए जा सकते हैं. क्योंकि हम जानते हैं की Vishwa blood donor divas रक्त देकर ही अच्छी तरीके से मनाया जा सकता है.


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