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२७ अप्रैल: कहानी बताओ दिवस (Tell a Story Day) दिनविशेष

दोस्तों बचपन में हर किसी को अपनी दादी की बताई कहानी सुनना बहुत पसंद होता है. फिर चाहे वह किसी परी और राक्षस की हो, किसी देवी देवता की हो, या किसी महापुरुष की हो! हमें भी यह कहानियां बड़ी लुभावनी लगती है.

छोटे बच्चे अक्सर बिना कहानी सुने सोते ही नहीं. आपके भी घर में ऐसा ही होता होगा, है ना? तो आइए इसी कहानी बताओ दिवस के बहाने हम भी कोई कहानी सुने और बच्चों को भी बताएं.

कहानी बताओ दिवस का इतिहास

वैसे तो कहानी बताओ दिवस की उत्पत्ति अज्ञात है. लेकिन इसके बारे में बताने के लिए एक कहानी तो निश्चित होती ही है. शायद आप भी कोई कहानी बना सके.आपकी जानकारी के लिए बता दें की, कहानी बताओ दिवस संयुक्त राज्य अमेरिका, स्कॉटलैंड और यूनाइटेड किंग्डम में बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है.इस दिन का उद्देश्य प्रतिस्पर्धीयों को एक दूसरे की कहानियां बताना, सुनाना और साझा करना है.

यह अपने ही अंदाज में सभी रूपों में मौखिक कहानी बताने की कला का उत्सव है. चाहे वह कथा हो या गैर कथा, एक लंबी कथा हो या कोई विज्ञान कथा हो. कहानियां किसी की स्मृति से या फिर किसी किताब से भी बताई जा सकती है. कहानियों को सामुदायिक केंद्रों पर, चर्चा में, घरों और बगीचों में, अस्पतालों में, पुस्तकालयों में, स्कूलों में या किसी भी सामान्य स्थानों पर किसी बड़े कार्यक्रम के तौर पर भी आयोजित किया जा सकता है.

Tell a Story Day कैसे मनाएं

कहानी बताओ दिवस पर आप अपने बच्चों को साथ में लेकर किसी अच्छे पुस्तकालय से लाई हुई किताब की कोई भी अच्छी सी कहानी पढ़कर उन्हें बता सकते हैं. ताकि बच्चे उसे इत्मीनान से सुने और उसकी सीख पर अमल भी करना सीखें. इस दिन बच्चों का हक होता है कि वे अपनी दादीओं से कहानी सुनने का हठ करें.वैज्ञानिकों ने भी यह शोध लगाया है कि अगर बच्चों को रोज अच्छी कहानियां सुनाई जाएं तो उनका दिमाग जल्द विकास कर सकता है. उनके दिमाग में नई नई कोशिकाएं अर्थात न्यूरॉन्स बनना जल्दी शुरू होता है. उनका मस्तिष्क किसी अन्य साधारण बच्चे की तुलना में ज्यादा अच्छे से सोच-विचार करने में माहिर होनेे लगता है.आज तक का इतिहास भी बताता है कि, जिन जिन बच्चों के घर वालों ने अपने बच्चों को अच्छी-अच्छी कहानियां सुना कर उन्हें कोई सीख दी है, वे बड़े-बड़े वैज्ञानिक या फिर महान हस्तियां बनी है.इसलिए आप भी इस दिन से ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार और अच्छा आदमी बनाने के रास्ते पर अपना मार्गक्रमण चालू कर दीजिए. इससे न केवल आपके मन को शांति मिलेगी अपितु बच्चों को भी अपने जीवन में कुछ अच्छा करने की हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी.

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