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SpaceX पहली बार इंसानों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ले जायेगा

SpaceX रॉकेट के जरिए नासा 27 मई 2020 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी कि ISS पर दो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को भेजेगी. नासा ने 17 अप्रैल को यह अधिकृत घोषणा की है. लगभग एक दशक के बाद अमेरिका से पहली बार अंतरिक्ष में जाने वाले स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से दो इंसानों को ले जाने वाली बात अपने आप में बहुत ज्यादा मायने रखती है.

नासा ने की अधिकृत घोषणा

इस बात को अपने अधिकृत ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के प्रमुख जिम ब्रिडेनस्टाइन ने कहा है कि, “27 मई को @NASA एक बार फिर अमेरिकी धरती पर अमेरिकी रॉकेट से अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को लांच करेगा!” जुलाई 2011 से संयुक्त राज्य अमेरिका ने अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के लिए रूसी सोयूज के रॉकेट पर ही भरोसा किया है.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा मई से ही चालक दल के मिशन का लक्ष्य बना रही थी और वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के बावजूद भी उनका इस योजना पर सटीक तरीके से काम चालू है.
अंतरिक्ष यात्री रॉबर्ट बेहनकेन और डगलस हर्ले एक स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट में आईएसएस (ISS) जाने के लिए उड़ान भरेंगे जो टेक उद्यमी एलोन मस्क द्वारा स्थापित स्पेसएक्स कंपनी का एक क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान है.

कैसा होगा SpaceX का यह मिशन?

नासा ने कहा है कि वे 27 मई 2020 को ऐतिहासिक लॉन्च पैड 39 ए से 16:32 बजे अर्थात स्थानीय समय 20:32 UTC पर उतारेंगे. यह वही लॉन्च पैड है जिसका इस्तेमाल अपोलो और स्पेस शटल मिशन के लिए फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर में किया गया था. बेहनकेन और हर्ले ये दोनों अंतरिक्ष यात्री कई वर्षों से अपना प्रशिक्षण ले रहे हैं. जिसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका को क्रू उड़ानों के लिए रूस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

क्रू ड्रैगन कैप्सूल यह स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल का ही एक संशोधित संस्करण है, जिसका उपयोग 2012 से आईएसएस (ISS) को आपूर्ति भेजने के लिए किया जा रहा है. आईएसएस के साथ डॉक करने के लिए लिफ्टऑफ के बाद लगभग 24 घंटे लगेंगे. आईएसएस में उनके रहने की अवधि निर्धारित नहीं की गई है.

वर्तमान में आईएसएस पर एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री के साथ दो रूसी कॉस्मोनॉट्स भी सवार है.
मई में होने वाला यह मिशन नासा के लिए एक मील का पत्थर होगा, जिसे अंतरिक्ष यान के युग में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा. अमेरिका के अंतरिक्ष यानों ने पिछले तीन दशकों तक अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में पहुंचाया, लेकिन उनमें से दो में विस्फोट हुआ. यान छोड़ने के बाद नासा ने अपनी अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यान को विकसित करने के लिए निजी उद्योग का रुख किया और आज स्पेसएक्स, बोइंग जैसी कंपनियां क्रू कैप्सूल तैयार करनेे के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं.

SpaceX कंपनी के बारे में

आपकी जानकारी के लिए यहां बता दें कि, SpaceX कंपनी के संस्थापक, सीईओ एलोन मस्क है, जिन्होंने हाल ही में फाल्कन 1 और फाल्कन 9 नाम के अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान भी तैयार किए हैं. स्पेसएक्स कंपनी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने वाली पहली निजी कंपनी बनने के लिए तैयार है. मार्च में, मस्क की क्रू ड्रेगन कैप्सूल ने आईएसएस के लिए एक यात्रा की, जिसमें यान को आईएसएस पर जाकर वापस पृथ्वी पर लाया गया था. आईएसएस अर्थात अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन अंतरिक्ष में 6 दिनों के बाद अटलांटिक में लौटने से पहले बोर्ड पर एक पुतले के साथ पृथ्वी से 250 मील (400 किलोमीटर) से अधिक की कक्षा में स्थित है. SpaceX में 2012 के बाद 15 बार यात्रा की है. लेकिन ध्यान रहें, आईएसएस मैं इंधन भरने के लिए ही यह यात्राएं कराई गई है.

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© संतोष साळवे
एस सॉफ्ट ग्रुप इंडिया

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