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८ अप्रैल: पिंक / गुलाबी दिवस – ( Pink Day )

अमेरिकी अभिनेत्री और सिंगर रैनी रोड्रिगेज ने कहा है कि, “किसी को धमकाना कभी मजेदार नहीं होता. कभी-कभी किसी के लिए यह एक बहुत ही क्रूर और भयानक बात हो सकती है. अगर आप को धमकाया जा रहा है, तो यह आपकी गलती नहीं है. इसीलिए कभी भी किसी को धमकाना नहीं चाहिए. “पिंक डे भी इसी उद्देश्य से मनाया जाता है. दुनिया भर में यह दिन बदमाशी, भेदभाव, होमोफोबिया, ट्रांस्फोबिया और ट्रांसस्मिसोगनी के खिलाफ मनाया जाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है. इस दिन हम सभी को गुलाबी शर्ट पहन कर अपने कार्यालय, स्कूलों और समुदायों की गतिविधियों का आयोजन करते हुए विविधता का जश्न मनाने के लिए उन्हें आमंत्रित करना चाहिए और खुद भी उसमे शामिल होना चाहिए.

पिंक डे का इतिहास

पिंक डे की शुरुआत नोवा स्कॉटिया में हुई थी जब एक हाई स्कूल के दो समलैंगिक छात्रों को गुलाबी शर्ट पहने देखा गया था. वे दोनों होमोफोबिक और ट्रांस्फोबिक धमकी तथा बदमाशी को रोकना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने गुलाबी शर्ट पहने थे.उनकी गुलाबी शर्ट पहनने की बात पूरे स्कूल में फैल गई और कुछ दिनों में ही स्कूल में भी सभी छात्रों ने गुलाबी कपड़े पहन कर एकजुटता से उनके साथ खड़े होने का फैसला किया.

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इसका परिणाम यह हुआ कि पूरे स्कूल में उस विषय पर एकजुटता हुई और उन्होंने होमोफोबिक और ट्रांस्फोबिक बदमाशियां और धमकियों को रोकने के लिए एक साथ काम करना शुरू किया.आज भी यह अभियान लगातार बढ़ रहा है और अब यह एक अंतर्राष्ट्रीय अभियान बन चुका है, जो स्कूलों, कार्यालयों और अनेक समुदायों में पनपता है. पिंक डे वार्तालाप, जागरूकता और स्वीकृति को युवाओं के जीवन में वास्तविकता पैदा कर एक नया भाव जगाने के लिए काम कर रहा है. इसलिए इस दिन गुलाबी रंग को पहनके कुछ अच्छी बातचीत की शुरुआत करें और प्रेरणाओं को स्वीकृति दे.


Pink Day कैसे मनाएं

गुलाबी शर्ट पहनना सिर्फ एक की बात नहीं है. यह अपने सहयोगीयों की प्रति एक प्रतिबद्धता है, जो वर्ष के बाकी दिनों तक उसी आत्मविश्वास और धैर्य को लोगों के दिल में बसाकर रखती है.

8 अप्रैल के दिन एक गुलाबी शर्ट पहनना महत्वपूर्ण कदम है. यह दर्शाता है कि आप उन सभी लोगों के साथ खड़े हैं, जो कभी धमकियों का या फिर बदमाशी का शिकार हुए हैं और जिन्हें उनके यौन अभिविन्यास या फिर लिंग पहचान के लिए डराया-धमकाया गया हो.

यदि आप अपने समुदाय के किसी व्यक्ति को डराते धमकाते हुए देखते हैं, चाहे वह विद्यालय, कार्यालय या फिर कोई सामुदायिक जगह हो, आपको एक कदम आगे बढ़ाने और उसे रोकने की बहुत ज्यादा जरूरत होती है. यह प्रतिबद्धता हमारे सभी समुदायों में गुंडागर्दी और भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक वास्तविक अच्छा कदम हो सकती है.इस हानिकारक प्रथा को समाप्त करने के लिए हमें सोशल मीडिया या अपने निजी जीवन में भी सक्रिय होने की और गुंडागर्दी धमकी या बदमाशी के बारे में चर्चा करने की बहोत ज्यादा जरूरत है. तभी हम दुनिया को सभी लोगों के रहने लायक एक सुरक्षित स्थान बनाने में मदद कर सकते हैं .

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