27 Jan 2021: national geographic day | राष्ट्रीय भौगोलिक दिन

national geographic day : दोस्तों आज 27 जनवरी के दिन हम national geographic day | राष्ट्रीय भौगोलिक दिन मनाएंगे. आपने देखा होगा कि राष्ट्रीय भौगोलिक पत्रिकाओं को 100 से अधिक वर्षों का इतिहास है. और साथ ही हम आपको बताना चाहते हैं कि इसकी शुरुआत भी नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी ने की थी.

इसकी स्थापना 27 जनवरी 1888 को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में की गई थी. लेकिन उसके ही अगले 9 महीने बाद उन्होंने अपनी इस नेशनल ज्योग्राफिक पत्रिका में बताना शुरू किया. इसके बारे में लोगों को और अधिक सूचित करते हुए और दुनिया के बारे में अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कई बातें बताई.

और इसी वजह से आज यह संस्था सबसे बड़े गैर-लाभकारी वैज्ञानिक और शैक्षणिक संस्थाओं में से एक मानी जाती है. और जैसा कि आप जानते हैं इस राष्ट्रीय भौगोलिक दिन को हर साल 27 जनवरी के दिन वार्षिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है. लेकिन इसमें आपने देखा होगा कि एक चीज को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है और वह होता है अपने रहने का स्थान यानी कि अपने पृथ्वी का भूगोल होता है.

क्योंकि आपने देखा है कि भूगोल मतलब उसने पर्यावरण और अपने आसपास का वातावरण में यह सारी चीजें आती है. और इसी के साथ उसने हमारे इस ग्रह पर रहने वाले निवासी, बाकी की भूमि, पेड़ पौधे, यह सभी बातें शामिल होती है. और इन सब चीजों का विस्तार से विश्लेषण करने के लिए ही इस राष्ट्रीय भौगोलिक पत्रिका को बनाया गया था. और साथ ही इस दिवस को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग साथ उनकी संस्कृति और उनके बारे में अधिक जानकारी देने के लिए ही इस दिवस का उत्सव मनाया जाता है.

national geographic day ka itihas

national geographic day | राष्ट्रीय भौगोलिक दिन की इतिहास के बारे में अधिक जानकारी लेना जरूरी है. जब आप इस दिवस को ठीक-ठाक तरीके से ज्ञात ना होते हुए देखते हैं तो आपको इसकी इतिहास का अंदाजा होना चाहिए आ जाता है. और इसी के लिए हम आपको बताना चाहते हैं कि यह बात संगठन बनाने के लिए इतनी जिम्मेदार होगी.

उतनी ही इस दिवस को मनाने के लिए जिम्मेदार और गुमनाम होती है. लेकिन आपको इस बारे में भी यह बात पता होगी कि नेशनल ज्योग्राफिक सोसायटी द्वारा 1888 में प्रकाशित की गई थी. इस दिवस को राष्ट्रीय भौगोलिक पत्रिका में भी नियमित रूप से प्रकाशित किया गया था. और इसके साथ ही से जल्द ही लोकप्रियता हासिल हुई थी.

लेकिन बाद में इसे और ज्यादा लोकप्रियता और व्यापक स्वरूप देने के लिए इस में सचित्र सामग्री भी डाली गई. आपने देखा होगा कि हाल के ही वर्षों में इस राष्ट्रीय भौगोलिक पत्रिका के संबंध में कई पर्यावरणीय मुद्दे सामने आए हैं. उदाहरण के लिए अगर देखा जाए तो वनों की कटाई के संबंध में और साथ ही प्रकृति के संबंध में अधिक मुद्दे भी बहुत विचाराधीन हुए हैं. लेकिन इसी के साथ इस पत्रिका को उसने छुपाए गए फोटोग्राफी के लिए भी कई बार सराहा गया है.

national geographic day kaise manaye

national geographic day | राष्ट्रीय भौगोलिक दिन के बारे में इसे कैसे मनाया जाता है इसको जानें. इस दिवस को आप मना नहीं कर सकते अच्छा तरीका किसी भी भौगोलिक पत्रिका को पढ़ते हुए और उस पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करते हुए ही मना सकते हैं. अगर आपको इसके अलावा भी पुरानी पत्रिकाएं ढूंढ कर साथ रखने का शौक है तो आप उन्हें भी जरूर देखने की कोशिश करें.

और अगर आपने इन प्रकाशित की हुई पुस्तकों का संग्रह कर लिया है तो आप अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ भी सिर्फ आजा जरूर करें. आप अपने आसपास के सभी लोगों को इन पुस्तिकाओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें पढ़ने के लिए इसे उद्दीप्त करें. और साथ ही आप अपने आसपास की परिस्थिति का परिवर्तन भी देख सकते हैं.

ताकि आपको अपने पर्यावरण के लिए किस मुद्दों पर काम करना है इसमें रूचि लेने में जरूर मदद मिलेगी. और अगर यह बात आपके लिए अच्छी रही तो आप अपने साथ घूमने जाते हुए कैमरा लेकर जा सकते हैं. जो भी पर्यावरण का फोटो आपको अच्छा लगे उसे आप जरूर अपने कैमरा में बंद करें. और साथ ही अगर आप उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना चाहते हैं तो #geographicday को टैग करते हुए भी इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें.

हमारा यह राष्ट्रीय भौगोलिक दिन पर आधारित लेख अगर आपको पसंद आया हो और साथ ही आपने इस दिवस के बारे में पत्रिकाएं पढ़ते हुए इसकी अधिक जानकारी लेने की कोशिश की हो, तो हम नीचे कमेंट करते हुए जरूर बताइएगा.


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