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प्रेरणादायी व्यक्तित्व: युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal)

Yuzvendra Chahal: दोस्तों, आज हम एक ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व के बारे में बात करने वाले हैं, जिन्हें आपने टीवी पर हमेशा क्रिकेट खेलते हुए देखा होगा. युजवेंद्र चहल भारतीय क्रिकेट के खिलाड़ी होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के शतरंज खिलाड़ी (International Chess Player) भी थे.

इस खेल में खर्च होने वाले सालाना 60 लाख रुपए ना होने के कारण चहल ने चैस को छोड़कर क्रिकेट की ओर चलने का इरादा किया और देखते ही देखते उनका भारतीय क्रिकेट टीम (Indian National Cricket team) में भी चयन हो गया.तो आइए, आज हम इस महान खिलाड़ी के जीवन की बहुत सी अनसुनी और प्रभावित करने वाली बातें देखें.

युजवेंद्र चहल की चैस में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक छलांग

युजवेंद्र चहल का जन्म 23 जुलाई 1990 में हरियाणा के जींद में हुआ, जहां उनके पिता एक वकील और उनकी माता हाऊस वाइफ थी. साथ ही उनकी दो बहने भी है, जो उनसे बड़ी है. 

युजवेंद्र बचपन से ही पढ़ने में रुचि नहीं लेते थे और सारा दिन दोस्तों के साथ चैस खेला करते थे. छोटी सी उम्र में ही वे अपनी स्कूल के सीनियर्स को हराकर ‘चैस बॉय’ के नाम से फेमस हो गए थे. कड़ी मेहनत और चैस का जुनून युजवेंद्र में इतना ज्यादा था कि, वह कई चैस दिग्गजों को मात दे चुके थे और करीब 10 साल की उम्र में ही उन्हें नेशनल लेवल पर चेस खेलने का मौका मिल गया. 

2002 में उन्होंने National Level Chess Competition में हिस्सा लिया और जीत भी हासिल की. इसके बाद उन्हें पहली बार International Level Chess Competition में भारत के लिए खेलने का मौका मिला. दोस्तों, इस बात से हम यह जरूर कह सकते हैं कि, किसी के सफल होने के पीछे उनके घर वालों का भी थोड़ा सा सहयोग जरूर होता है. 

चैस खेलने के दौरान युजवेंद्र क्रिकेट भी खेलना चाहते थे और तब उनके पिताजी ने अपनी 1 एकड़ की जमीन को क्रिकेट की पिच में बदलवा डाला और युजवेंद्र के जन्मदिन पर उन्हें यह तोहफा दिया. तभी युजवेंद्र ने चैस के साथ-साथ क्रिकेट को भी नियमित रूप से अपना लिया. 

क्रिकेट का जुनून

थोड़े दिनों बाद 2006 में चैस के स्पॉन्सरशिप मिलने बंद हो गए, जिस कारण चहल चैस में भाग नहीं ले पा रहे थे. चैस खेलने के लिए प्रतिवर्ष की फीस करीबन 60 लाख रुपए होती थी, जिसे जुटाना चहल के लिए काफी मुश्किल हो गया और इसीलिए उन्होंने चैस को पूरी तरह से छोड़ दिया और क्रिकेट को अपना करियर बनाने की ठान ली. युजवेंद्र चहल कहते हैं कि, “मेरे पिताजी की ख्वाहिश थी कि उनका बेटा कामयाब हो.” 

अपने घर की पिच पर वह ज्यादातर बॉलिंग में रुचि लिया करते थे. कुछ ही दिनों बाद उनका बिहार टीम में चयन (Selection) हो गया और बिहार ट्रॉफी में उन्होंने शानदार बॉलिंग की और पूरी सीरीज में 34 विकेट लेकर प्रकाश में आ गए. 

इसके बाद हरियाणा की रणजी टीम में उनका चयन हो गया और हरियाणा टीम की तरफ से खेलते हुए 3 नवंबर 2009 को मध्यप्रदेश के खिलाफ उन्होंने डेब्यू (Debut) किया. 

2011 में मुंबई इंडियंस ने युजवेंद्र चहल को 10 लाख रुपयों में खरीदा; लेकिन 3 साल तक उनको एक्स्ट्रा प्लेयर में ही रखा गया. चहल ने अपने इंटरव्यू में बताया कि, “इस दौरान चैंपियंस लीग टी20 में मुझे खेलने का मौका मिला और वहां हरभजन सिंह से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला.” 

IPL में छायें युजवेंद्र

2014 की आईपीएल (Indian Premier League) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 10 लाख रुपयों के बेस प्राइस पर उन्हें खरीदा और अच्छी परफॉर्मेंस देते हुए चहल ने यह साबित कर दिया कि वह 10 लाख से ज्यादा महंगे हैं.

2014 के ही IPL में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ वे ‘Man of the Match’ भी रहे. साथ ही उन्होंने अपने आपको अच्छे बॉलर के रूप में भी साबित किया. 

Indian Cricket Team में प्रवेश

उस बेहतरीन परफॉर्मेंस के चलते 2016 में भारतीय क्रिकेट टीम की टी-शर्ट उनके घर पहुंची और उन्हें जिंबाब्वे (Zimbabwe) की ट्रिप पर जाने का मौका मिल गया.  इस जिंबाब्वे दौरे में चहल ने खूब विकेट चटकाए. साथ ही आईपीएल 2016 के सीजन में चहल ने 21 विकेट लिए, जिससे वे भुवनेश्वर कुमार के बाद ‘दूसरे लीड विकेट लेने वाले खिलाड़ी’ बन गए.

कुछ ही दिनों बाद बेहतरीन बॉलर रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा को आराम दिया गया और इस वजह से चहल को अपने आप को फिर से साबित करने का बहुत अच्छा मौका मिल गया. जहां उन्होंने 4 ओवर में मात्र 25 रन देकर 6 विकेट झटके, जो किसी भी भारतीय T20 में सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग फिगर बना और देखते ही देखते युजवेंद्र चहल ‘बॉलिंग बादशाह’ के रूप में उभरे. 

युजवेंद्र चहल के बारे में कुछ रोचक तथ्य

–  युजवेंद्र ड्रेसिंग रूम में एक मज़ेदार माहौल तैयार करते हैं. सभी के साथ चुटकुले और मजाक करना उन्हें बहुत पसंद है.साथ ही वे अपने वरिष्ठ लोगों का समर्थन पाकर बहुत खुश हैं
–  युजवेंद्र दावा करते हैं कि वे बहुत शर्मीले हैं, लेकिन शायद आप नहीं जानते हैं की उनका खुद का एक टीवी चैनल, ‘चहल टीवी’ भी है, जहां वे विचित्र वीडियोस और इंटरव्यू अर्थात साक्षात्कार साझा करते रहते हैं.
– उन्हें अपने साथियों के साथ विचित्र वीडियो बनाना बहुत पसंद है और वे नियमित रूप से बीसीसीआई की वेबसाइट पर भी पोस्ट किए जाते हैं.
–  बीसीसीआई ने भी अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से उन्हें साझा किया है.
–  स्मृती मंधाना का भी उन्होंने इंटरव्यू लेकर उनके चैनल पर डाला है और चहल को अपनी बल्लेबाजी की प्रेरणा कहने के कारण उन्हें ट्रोल भी किया गया.
–  शेन वार्न को चहल अपनी गेंदबाजी का आदर्श मानते हैं.
–  चहल फुटबॉल के भी बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनके पसंदीदा फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो है.
–  चहल को गुरुग्राम शहर से बहुत प्यार है. उन्होंने वहां एक घर भी बनाया है, ताकि उनके माता-पिता हरियाणा के जींद गांव से शिफ्ट हो सके.
–  उनके टीम के साथी उन्हें यूजी और टिल्ली कह कर बुलाते हैं.
–  चहल को यात्रा करना भी बहुत पसंद है. उनके Dream Destinations मालदीव, ग्रीस और पेरिस है.
–  उन्हें घर का बना बटर चिकन और राजमा चावल खाना बहुत पसंद है.
– अधिकांश लोगों की तरह युजवेंद्र को Netflix और Chill से प्यार है!

दोस्तों, हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख से आपको काफी प्रेरणा मिली होगी और बहुत कुछ सीखने को भी मिला होगा.

हमारा ‘प्रेरणादायी व्यक्तित्व: युजवेंद्र चहल’ यह व्यक्ति विशेष आधारित लेख पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद! हम आपके लिए रोज ऐसेही अच्छे लेख लेकर आते है. अगर आपको यह लेख पसंद आता है तो फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपने दोस्तों को इसे फॉरवर्ड करना ना भूले. साथ ही हमारी वेबसाइट को रोजाना भेंट दें.

✍🏼 संतोष साळवे
एस सॉफ्ट ग्रुप इंडिया


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