Press "Enter" to skip to content

अधीरता के युग में, अपने मन (Mind) को कैसे स्थिर करें?

मन (Mind): अक्सर हमें विज्ञान का अभ्यास करते हुए दिमाग के बारे में कई जानकारी हासिल होती है. उसी के साथ हम जानते हैं मन के बारे में. तो ये मन (Mind) होता क्या है ? क्या ये दिमाग का एक हिस्सा है ? या ये कोई अलग से शरीर का हिस्सा हैं ? कभी कभी हम कहते हैं कि कोई बात हमारे मन (Mind) को अस्थिर कर देती हैं. हम ऐसा नहीं कहते की दिमाग को अस्थिर किया या फिर कोई बात दिमाग को छू गई.

तो ये मन का अस्तित्व हमारे दिमाग में ही हैं. जब हमारी भावनाए दिमाग पर हावी हो जाती है तब अक्सर हम यह कहते हैं की हम दिल से सोचते हैं, या मन से सोचते हैं, ना कि दिमाग से. पर असलियत में हम दिमाग से ही सोच रहे होते हैं. कभी-कभी इन्ही बातों से हम अस्थिर हो जाते हैं.

आज के युग में देखा जाए तो बहुत सी चीजें हैं जो हममें उत्सुकता पैदा कर देती हैं. जिससे हम अधीर हो जाते हैं, जल्दी में निर्णय लेते हैं. कभी निर्णय गलत साबित होता है तो कभी सही. जब मन अशांत हो तब कोई निर्णय लो तो वो ग़लत साबित होने की संभावना बढ़ जाती है. इस कारण पश्तावा करना पड़ सकता है. इसीलिए कोई भी निर्णय लेते वक्त मन का स्थिर होना जरूरी होता है.

अपना मन (Mind) क्या होता है?

जैसा कि मैंने पहले बताया मन (Mind) दिमाग का एक हिस्सा होता है. जिसमें भावना का दिमाग पर हावी होना संभव होता है. वो हमारी सोचने की स्मरण करने की क्षमता को मन (Mind) कह सकते हैं.

अपने विचारों का मन (Mind) से क्या संबंध होता है?

सोचने की क्षमता को स्मृति को अगर Mind कहे, तो इससे हमारे विचार निर्माण होते हैं. जिसपर हमारा मन सोचता हैं. वैसे हमारे विचार बनते हैं. किसी भी व्यक्ति का व्यवहार देखकर उसे समझकर उसपर Mind सोचता हैं, और फिर उसके लिए कोई विचारधारा बनाता है. किसी किताब को पढ़कर हम उसपे विचार विमर्श कर अपने विचार निर्धारित करते हैं. जिसमें मन भावनाओं के साथ उन्हें सोचता हैं समझता है.

कैसे हम अपने मन (Mind) को स्थिर रख सकते हैं?

यदि हमारा मन अशांत हैं , तो हम कहीं अकेले बैठ कर शांत होने की कोशिश कर सकते हैं. इससे हमारा मन शांत हो सकता है. कोई पसंदीदा गाना सुन सकते हैं. मन अस्थिर होने के कई कारण हो सकते हैं, तो ये भी जरूरी हैं कि उन्हें पहचान कर उन्हें दूर करने की कोशिश करे. जैसे कि नींद पूरी ना होने से चिड़चिड़ापन हो, तो नींद लेना जरूरी है.

खाने पीने का ठीक से ध्यान रखने से आरोग्य स्वस्थ रहता है. जिससे मन स्वस्थ रहने में मदद मिलती है. बहुत ज्यादा अशांति महसूस हो तो meditation कर सकते हैं. ध्यान लगाना मन स्थिर करने में लाभकारी साबित होता है.

कैसे हम अपना मानसिक जीवन स्थाई बनाए रख सकते हैं?

अपने मन को स्थाई रखने के लिए शांत जगहों पर जा सकते हैं. जिनसे हमें खुशी मिले वो चीजे करे. भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के लिए थोड़ा सा वक्त निकाल सकते हैं. जिससे मन का स्वास्थ्य बना रहता है. सुबह जल्दी उठकर घूमने जाना, सेहत और मन दोनों के लिए अच्छा साबित होता है. सुबह खुली हवा में सांस लेने से और भी कई फायदे होते हैं.

प्राणायाम करना ध्यान लगाना इससे हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है जिसके कारण शरीर में ऊर्जा पैदा होती है. थकान महसूस हो तो चिड़चिड़ापन आ जाता है. खाना ठीक से ना होने के कारण भी मन अस्वस्थ हो जाता है. जिससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों को सहना पड़ सकता है. इसलिए शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने से मानसिक स्वास्थ्य हासिल किया जा सकता है.

अधीर मन से होने वाले नुकसान और स्थाई मन से होने वाले फायदे 

अधीर (अस्थिर) Mind से हम कोई भी निर्णय ले तो सही गलत को नहीं सोच पाते. अक्सर सोलह से पच्चीस की उम्र में लोगों का मन अशांत अस्थिर रहता है. जिसमें वो कई गलतियां करते हैं, रास्ता भटक जाते हैं. बहुत जल्दबाजी में गलत निर्णय ले लेते हैं. कभी उन्हें सुधारना मुमकिन होता हैं तो कभी नामुमकिन. जल्दबाजी से बात करना निर्णय लेना अशांत मन के कारण ही होता है साथ ही उम्र भी मायने रखती हैं.

स्थाई मन से लिए निर्णय सही साबित होने की संभावना ज्यादा रहती हैं. बढ़ती उम्र के साथ मन स्थाई हो जाता है. पर कम उम्र में भी शांत मन से काम करनेवाले लोग बहुत कुछ हासिल कर लेते हैं. सही निर्णय जिंदगी में सहि मंजिल तक पहुंचा देता है. शांत मन वाले इंसान की प्रतिमा भी समाज में अच्छी होती है. जिनसे लोग जुड़े रहना चाहते हैं.

मेरे मत के अनुसार मन का शांत होना जरूरी है. अशांत मन से कोई बात सही नहीं कर सकते हैं. जिंदगी कोई जुआ हैं नहीं जिसे किस्मत के भरोसे छोड़ दिया जाए. उसे अपने दिमाग अपने मन अपने विचारों से आगे बढ़ना पड़ता है. अच्छी जिंदगी जीने के लिए स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन जरूरी हैं. दोनों का खयाल रखना जरूरी है.

मानसिक स्वास्थ्य में शारीरिक स्वास्थ्य ज्यादा महत्व रखता है. शरीर स्वस्थ हो तो मन खुशी महसूस करता है. हालाकी बाहरी परिस्थितियों से कभी हमारा मन विचलित भी हो जाए, तो भी उसे शांत करने में शारीरिक स्वास्थ्य मदद कर सकता है. इसलिए शरीर का स्वस्थ होना महत्व रखता ह.

यदि हमारा मन बेचैनी महसूस करता है, उसी के साथ शरीर भी अशक्त हो तो बाहर घूमने जाना या मन को शांत करने के लिए उपाय करना हमारे लिए आसान नहीं होगा. पर यदि शरीर स्वस्थ हो तो हम मन को शांत करने के लिए कई उपाय कर सकते हैं. इसलिए मानसिक स्वास्थ्य को पाने के लिए अपने शरीर को निरोगी स्वस्थ रखें साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रयत्नशील रहे. धन्यवाद !

अगर हमारा मन पर आधारित  “अधीरता के युग में, अपने मन को कैसे स्थिर करें?” यह लेख पढ़कर आपको अपने अधीर को शांत रखने का ख्याल आया हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करते हुए हमें जरूर बताइएगा!

– Vrushali Suvarna Dyandev
(Author, Poetess, Team Leader)


इस तरह के विविध लेखों के अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज ssoftgroup लाइक करे.


WhatsApp पर दैनिक अपडेट मिलने के लिए यहाँ Join WhatsApp पर क्लिक करे

Mind

2 Comments

  1. Sanjay Sanjay

    Meaningful information.
    Thank You 👏👌

  2. Santosh Santosh

    वाह वृषाली जी,
    आपका लेख पढ़कर मन को स्थिरता किस प्रकार से पायें, ये सीखा जा सकता है 👍👍
    आपने बहोत अच्छी तरीकेसे सभी पहलुओं को शामिल करते हुए विश्लेषणात्मक लेख लिखा है 👌👌

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *