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३० अप्रैल: ईमानदारी दिवस (Honesty Day) दिनविशेष

यदि आप अधिकांश लोगों को पसंद करते हैं तो आप आज दुनिया में मौजूद ईमानदारी की पूरी कदर करते हैं. हमें सेवा देने वाली कंपनियां अपने उत्पादों के बारे में भ्रामक भाषा का उपयोग करते हुए पूरी स्थिति को सच बताने में असमर्थ होती है.

हमारा जीवन पूरी तरह ऐसे ही लोगों और कंपनियों की दुनिया से भरा हुआ है. जो हमें एक उत्पाद बेचने की कोशिश कर रहे हैं, भले ही चाहे वह पूरी ईमानदारी के साथ न बेची जा सके. ईमानदारी दिवस हर क्षेत्र के लोगों और विशेष रूप से पूर्व प्रभारी लोगों को अपने घटको और ग्राहकों के साथ ईमानदार रहने के लिए प्रोत्साहित करता है.

ईमानदारी दिवस का इतिहास

मेरीलैंड के पूर्व प्रेस सचिव एम. हिर्श गोल्डबर्ग ने 1990 में अपनी पुस्तक ‘द बुक ऑफ लाइज: फाइब, टेल्स, स्कीम, स्कैम फेक और फ्राउड्स’ में लिखने की प्रक्रिया के हिस्से के रूप में इस दिवस को अस्तित्व में लाया. यह दिवस इतिहास और हमारे दैनिक जीवन दोनों को प्रभावित करता है. इस दिन की अवधारणा सरल थी.

उल्टे उद्देश्य के बिना हमेशा सीधा सवाल पूछें और इमानदारी की उत्तर की ही अपेक्षा करें. हालांकि यह स्थितियां कभी-कभी लोगों के बीच कठिन संबंध बनाती है, लेकिन यह घावों को पूरी तरह से ठीक करने और स्पष्ट संचार करने के रास्ते पर पहला कदम है जो उसके स्पष्ट समझ की अनुमति देता है.

हम जानते हैं कि रिश्तो में राजनीति में और यहां तक की ऐतिहासिक शिक्षा में भी ईमानदारी बरतने से बहुत सी गलतफहमियां पैदा हुई थी, जिनकी वजह से हम सभी प्रभावित है. जब हम अपने किसी दोस्त या भागीदार के साथ बोलते हैं, तो हम अक्सर कुछ शब्दों को वापस लेने का चयन करते हैं.

इसलिए नहीं कि वे सच नहीं है, लेकिन हम उन्हें किसी तरह की चोट नहीं पहुंचाना चाहते.ईमानदारी दिवस पर आपको हमेशा यह याद रखना होगा कि ईमानदार होने के लिए सबसे पहले खुद के साथ ईमानदारी बरतने की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है. एक बार जब आप अपनी सच्ची भावनाओं और प्रेरणाओं को स्वीकार कर लेते हैं, तो आप दूसरों के साथ भी स्पष्ट रूप से बात कर सकते हैं और रिश्ते भी ईमानदारी के साथ निभा सकते हैं.

ईमानदारी दिवस कैसे मनाएं

देखा जाए तो ईमानदारी दिवस का जश्न मनाना बहुत सरल है; लेकिन यह आपके जीवन में सबसे कठिन चीजों में से एक भी हो सकती है.  हमें अपने और दूसरों के बीच ईमानदारी की तुलना करना कठिन हो जाता है, क्योंकि हम जब भी ईमानदारी की बात करते हैं तो अक्सर दूसरों के बारे में सोचते हैं. ऐसा हमें कभी भी नहीं करना चाहिए. किसी भी बात की हमें हमेशा खुद से शुरुआत करनी चाहिए. फिर चाहे वह खुशी बांटने की बात हो, झूठ ना बोलने की बात हो, या फिर साथ ईमानदार रहने की बात हो!

Sagar’s quotes


“Honesty is the imperative ingredient in the beautiful recipe called love.”— Sagar Wazarkar

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