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५ अप्रैल: भूवैज्ञानिक दिन (Geologists’ Day)

भूविज्ञान इस विज्ञानं की शाखा को भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे अन्य विज्ञानं शाखाओं की तुलना में एक अल्पविकसित विज्ञान माना जाता है. हालाँकि, ऐसा नहीं है. हमारे पास अगर भूविज्ञान नहीं होता, तो हमें कैसे पता चलता कि पृथ्वी किस चीज से बनी है? भूवैज्ञानिकों के सभी अनुसंधानों को धन्यवाद देने के लिए ही इस भूवैज्ञानिक दिन का निर्माण किया गया है. यह दिवस लोगों को भूवैज्ञानिक बनने के लिए और उनके बारे में ज्यादा जानने के लिए ही प्रेरित करता है, जिन्होंने हमारी दुनिया को बेहतर ढंग से समझाने में लोगों को मदद की है.

भूवैज्ञानिक दिन का इतिहास

वे भूवैज्ञानिक ही होते है, जो यह समझने में हमारी मदद करते हैं कि हमारी पृथ्वी कैसे काम करती है और उसपर बाकी ग्रहों का क्या विशिष्ट असर होता है. वह भूविज्ञान की शाखा ही है जिसमें चट्टानों, मिट्टी और अन्य सामग्रियों की संरचना का अध्ययन प्राचीन ग्रीस के समय से हो रहा है. आप जानते होंगे की ग्रीक वैज्ञानिकों ने ही चट्टानों, जीवाश्मों का अध्ययन और उनके गठन के बारे में सिद्धांत देकर आश्चर्यचकित किया था.

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मध्य युग में लियोनार्डो दा विंची इस बहुप्रतिभावान इंसान ने मानव शरीर के कार्यों का पता लगाया था, साथ ही भूविज्ञान में भी अग्रस्थान पर बने रहे. भूवैज्ञानिकों ने हजारों वर्षों में हुए पृथ्वी के लंबे और धीमे विकास में आये बदलाव की व्याख्या खोजने में बाकी वैज्ञानिकों की मदद की. यह कार्य उन सभी भूवैज्ञानिकों की सराहना करता है जो चट्टानों और इसके सभी स्वरूपों का अध्ययन करते हैं.

भूवैज्ञानिक दिन पृथ्वी के इतिहास और उसके बनने की पूरी प्रक्रिया को सीखने के बारे हमे विस्तार से बताता है की पृथ्वी को बनने में कई सालों का अवधि लगा है, तब जाकर इसपर जिंदगी पनप सकी है. भूवैज्ञानिकों ने पृथ्वी का सखोल अध्ययन किया और तब जाकर ही यह पूरी सच्चाई सामने आ सकी है.

भूवैज्ञानिक दिवस कैसे मनाया जाए

भूविज्ञान क्या होता है, इसके बारे में थोड़ा जानकारी लेकर हम भूविज्ञान दिवस मना सकते है. भूवैज्ञानिकों के काम में चट्टानों की खुदाई, नक्शों का अभ्यास और अध्ययन यह बातें  समाविष्ट है. आप ऑनलाइन क्लासेस में भी शामिल हो सकते है और देखकर इसका आनंद ले सकते हैं. अगर आप इसमें रूचि रखते है तो आप भूविज्ञान डिग्री के लिए जा सकते हैं.

इस दिन आप भूवैज्ञानिकों के इतिहास पर नज़र डाल सकते है. वे उस समय पृथ्वी के बारे में क्या सोचते थे और उनके काम करनेका तरीका किस तरह था. इस दिन की छुट्टी को आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ जानकारी देकर बिता सकते है.

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© संतोष साळवे 
एस सॉफ्ट ग्रुप इंडिया