16 Dec: day of reconciliation | सामंजस्य दिवस

day of reconciliation : आज 16 दिसंबर के दिन हम day of reconciliation | सामंजस्य दिवस मनाएंगे. आपको यह बात जरूर पता है कि लोग कहते हैं सभी बातों का एक अंत जरूर होता है. और यह बात अच्छी है कि दुनिया में जो बड़े भयानक अत्याचार होते हैं उनके लिए यह सही है.

कुछ ऐसा ही अंत 1991 में रंगभेद की समाप्ति के लिए हुआ था. इसमें किसी भी तरह की नस्लीय अलगाव की एक प्रणाली थी जो उनकी राष्ट्रीय पार्टी में शुरू किए कानून के पीठ पर दक्षिण अफ्रीका में भी मौजूद थी. और इसी के साथ 1994 में सभी दक्षिण अफ्रीका के लोगों के बीच एक बड़ी दरार को दूर किया गया.

और कई दशकों से चलती आ रहे अन्याय के खिलाफ़ पूरे राष्ट्र के लिए एक अच्छी सद्भावना एवं सामंजस्य लाने के लिए यह दिन शुरू किया गया था. तो आइए दोस्तों हम भी उसके बारे में अब अधिक की जानकारी ले.

day of reconciliation ke bare me adhik jankari

सामंजस्य दिवस पर हम आपको इस दिवस के बारे में बहुत सी जानकारी बताना चाहते हैं. इस दिवस को रंगभेद की समाप्ति को बताने के लिए ही बनाया गया है. और इसी वजह से हम आपको यह बात बताना चाहते हैं कि 1995 के बाद से ही इस दिवस का सच्चा अस्तित्व हो गया है.

और इसका उद्देश्य ही देश में सामंजस्य और एकता को निहित करना और स्थापित करना था. इस दिवस के बनाने का कारण यही था कि अफ्रीकी और बाकी संस्कृतियों के लिए भी यह तिथि महत्वपूर्ण थी. और इसी वजह से अलग-अलग नस्लों में सौहार्द लाने के लिए ही यह दिवस चुना गया था. और इसी वजह से आपको यह बात पता होगी कि इस बात से किसी को इनकार नहीं होगा कि इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अतिथियों में यह दिवस आता है.

और एक ऐसा दिन हम मनाते हुए हमारे इतिहास को हम याद करते हैं. और साथ ही इस दिवस को मनाने के लिए कई सारे उत्सव भी होते हैं जिनमें हमारे दिग्गजों के योगदान को पहचानने के कार्यक्रम और साथ ही अच्छी तरह की मार्चिंग भी होती है. वैसे तो यह दिवस दक्षिण अफ्रीका के इतिहास में महत्वपूर्ण में माना गया है ही. साथ ही साथ दुनिया भर में भी इस दिवस को सम्मानित किया जाता है.

क्योंकि लोगों के सौहार्द सराहना करने के लिए या दिवस मनाया जाता है. इस दिवस पर सबसे अच्छी बात हम यह कर सकते हैं कि किसी के भी मन को कोई क्षति ना पहुंचाने की कोशिश हम कर सकते हैं. और साथ ही हमें किसी के भी नस्ल या फिर रंग के बारे में कुछ भी बुरा नहीं कहना चाहिए.

day of reconciliation ka itihas

सामंजस्य दिवस पर हम इसकी इतिहास के बारे में जानकारी लेंगे. इसके इतिहास में उपनिवेशवाद के तत्वद्न्यान के पीड़ित राष्ट्र के बारे में इसका अस्तित्व है. और उसका पति तो इसी में है कि इसके रूप की नियत जातिवाद का इतिहास इसके पीछे छिपा है. लेकिन इसके नस्लीय अलगाव के बारे में 1948 में जब रंगभेद का कानून बना था तब इसकी स्थिति कुछ अलग थी. क्योंकि 1652 में डच लोगों ने और 1795 में अंग्रेजों ने इस देश पर कब्जा कर लिया था.

लेकिन 1950 में ही इनकी हालात बदतर से बदतर हो गए जब इस देश में श्वेत राजनीतिक प्रतिनिधित्व समाप्त कर दिया गया था. साथ ही इस की नीतियों के लिए गहरा काम करने वाले विद्रोह हो एवं हिंसा के खिलाफ लंबे समय तक हथियार रखने की भी अनुमति दे दी गई थी. 1961 में अफ्रीकी लोगों ने स्पियर ओ द नेशन को स्थापित किया जो एक ए एन सी का सशस्त्र बल था.

इन्होंने रंगभेद करने वाले नेताओं के खिलाफ हिंसक प्रतिरोध के साथ तोड़फोड़ के कार्य भी किए थे. और इसी विषय पर हर साल निश्चित रूप से हम आपको इस दिवस की इतिहास के बारे में जानकारी लेने की सलाह देंगे. और साथ ही इस संदर्भ में आप कुछ अलग मदद भी कर सकते हैं ताकि इस दिवस को और अच्छी तरह से मनाया जा सके.

day of reconciliation kaise manaye

सामंजस्य दिवस किस तरह से मनाना चाहिए इसके बारे में जानकारी लेंगे. वैसे तो इस सामंजस्य दिवस का हमारे जीवन और पूरी दुनिया पर जैसे एक गहरी छाप गिरी है. हमें इसमें कुछ समय के लिए खुद को शिक्षित और प्रभावित करना होगा ताकि हम पीड़ित लोगों के लिए काम कर सकें.

इनके प्रभाव के कारण हम उन लोगों के साथ इसकी समाप्ति नहीं कर सकते लेकिन इसकी जानकारी हम हमारे बच्चों एवं आने वाली पीढ़ी को जरूर दे सकते हैं. हम किसी भी सामाजिक दबाव में आकर किसी सिस्टम को रातों-रात नहीं बदल सकते हैं. लेकिन इसके खिलाफ हमें लोगों को जागरूक तो जरूर करना ही होगा.

और इस विषय पर आप अधिक जानने के लिए कुछ समय जरूर निकाल सकते हैं. किस दिवस के बारे में पढ़ने के लिए आपको इंटरनेट पर बहुत सारी जानकारी मिल सकती है. और साथ ही दक्षिण अफ्रीका की इतिहास के बारे में बहुत सी फिल्में और शानदार किताबें भी आप पढ़ सकते हैं.

आपको इस देश के इतिहास के बारे में अच्छी समझ जरूर आ सकती है जिससे आप खुद भी कोई अच्छी सीख ले सकते हैं. आपको यह जानकर बड़ी हैरानी होगी कि दक्षिण अफ्रीका के इतिहास के सबसे प्रभावशाली आंकड़े काफी अविश्वसनीय है. और यह भी बात स्पष्ट होगी कि इस जानकारी की शुरुआत आप नेल्सन मंडेला के इतिहास से शुरू कर सकते हैं.

आप उनके बारे में इतनी जानकारी तो जरूर होगी कि वह दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत प्रमुख थी जिन्होंने अपने देश के लिए 27 साल की जेल भी काटी थी. उनकी कहानी सच में बहुत ही अविश्वसनीय है. और इसी के साथ आप ‘ग्रेट साउथ अफ्रीकन्स’ नाम का शो भी देख सकते हैं जिसमें इनके बारे में जानकारी दी है.

आपको इस टीवी शो को एक बार जरूर देखना चाहिए. ताकि आप इन अविश्वसनीय लोगों के बारे में अदभुत जानकारी हासिल कर सकते हैं. साथ ही अगर आप सोशल मीडिया पर भी इस दिवस को मनाना चाहते हैं तो #dayofreconciliation को टैग कर सकते हैं.

हमारा यह सामंजस्य दिवस पर आधारित लेख आपको पसंद आया है और आपने भी कुछ अच्छी सीख लेते हुए अपने जीवन में सामंजस्य को स्थापित करने का इरादा कर लिया है, तो हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करते हुए बताना ना भूलें.


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